Vikrant Singh

ज़िंदगी बदल देने वाले 10 हेल्थ टिप्स

Middle Class के लोगों को बिना रोग के जीवन बिताना, बिना डॉक्टर के अपनी जिंदगी को चलाना ऐसी ही कुछ मुख्य बाते खास आप जैसे लोगो के लिय जो की जीवन भर आपके काम आने वाली है अगर आज आप इन बातों को अपने जहन मे उतार लेते है तो | चलिए करते है अब स्वास्थ की कुछ बाते |
सब से पहला मुख्य नियम ये है की

  • खाना खाने के बाद कभी भी पानी ना पियें| ये सब से जरुरी और महत्वपूर्ण नियम है | खाना खाने के ड़ेढ घंटे बाद पानी पीना चाहिए, जिस से आप का खाना सही से पचेगा | ड़ेढ घंटे के बाद पेट भर के पानी पियें| ये है सब से पहला नियम |
  • पानी पिए तो घुट भर के पिए ये मै बहुत आवश्यक नियम मानता हूँ सबके लिए | आप में से जिस को धैर्य हो जीवन मे वो ये करना चालू कर दे | जितना एक एक घुट करके पानी पिएगे उतना ही आपके स्वास्थ के लिए बेहतर रहेगा और पानी को मुँह में घुमा घुमा कर पियें | घुट घुट करके पानी पीने से ज्यादा लार पेट में जाती है | पेट को लार की जरुरत होती है क्योकि वहाँ एसिड बन रहा है | खाना खाते समय एसिड निकले तो खाना पचेगा | इस लिए ये बहुत जरुरी नियम है |
  • सुबह उठते ही सब से पहले पानी पियें ये बहुत जरुरी है सब के लिए| इस से जो आप की लार है वो पेट में जाती है जो आपके शरीर को सही रखने में बहुत काम करती है | अगर आप 18 आयु से कम के है तो 1 से 2 गिलास और 50 से ज्यादा है तो भी, अगर 19 से 50 वर्ष की आयु के है तो कम से कम 3 गिलास रोज सुबह आप सभी के लिए आवश्यक है |
    पानी को गिलास में ना पी कर के लौटे में पिए | अब आप बोलोगे की दोनों में फर्क क्या है, जी बिल्कुल फर्क है | क्योकि गिलास भारत की सभ्यता नहीं है, यूरोप की है | भारत की सभ्यता लौटे है | गिलास का पानी पीना अच्छा नहीं माना जाता, लौटे का पानी अच्छा माना जाता है, क्योकि पानी को जहाँ धारण किया जाता है उस में वैसे ही गुण आते है | लौटे में जो पानी का गुण आयेगा वो पात्र गुण आयेगा | लौटे का आकार कैसा होता है गोल होता है और अगर आपको थोड़ा गणित और विज्ञानं का ज्ञान होगा तो आप को पता होगा की हर गोल चीज़ का surface tension कम होता है, क्योकि surface area कम होता है | तो कम surface tension का पानी ही आपके लिए सही है |
  • खाना जब भी खाये खड़े हो कर ना खाये बैठ कर ही खाये अगर कुर्सी पर बैठना पड़े तो ठीक है वरना जमीन पर तो सब से अच्छा है |
  • कभी भी दो विरोधी वस्तु एक साथ न खाए जैसे दूध और दही एक साथ ना खाए वैसे दूध से ही दही बनता है लेकिन दोनों विपरीत है, खीर खा रहे है तो कढ़ी नहीं खा सकते मतलब दूध और दही से बनी वस्तु एक साथ नहीं खानी है, इसी तरह शहद और घी एक साथ नहीं खा सकते, ख्ट्टे फल दूध के साथ कभी ना ले, अगर खाना है तो आवला खा सकते है दूध के साथ उस से आपका स्वास्थ सही रहेगा |
  • सुबह का खाना सुबह 9 से 10 बजे तक खा लेना चाहीये | शाम का खाना 5 बजे तक खाना चाहीये और रात का खाना 10 बजे तक पेट भर कर खाये | समय के हिसाब से अगर खाना खाएगे तो आपका खाना जल्दी पच जायेगा |
  • अगर आपके आँखों के निचे धबे आ गए है तो सब से पहले सुबह उठते ही जो आपकी लार है उस से हल्कि हल्कि मालिश करे इस से आपके आँखों के काले धबे बहुत जल्दी सही हो जायेगे, इस से आप अपने त्वचा के काफी रोग भी सही कर सकते है जैसे की दाग,खाज,खुजली, जैसे रोगो पर भी हल्कि हल्कि मालिश कर सकते है |
  • रात को अगर नींद सही से नहीं आती है तो सबसे सरल उपाय ये है की गाय के घी को हल्का गर्म कर के एक एक बूंद अपनी नाक में डाल ले और आराम से खींचे और सब कुछ भूल कर सो जाये | इस से आपको बहुत अच्छी नींद आयेगी, खराटे बंद हो जायेगे, बुरे सपने नहीं आएंगे, रात को नींद खुल जाती है वो भी नहीं होगा |
  • अस्थमा की जो बीमारी है वो वायु के प्रकोप की बीमारी है उसके लिए सरल नियम आपको बता देता हूँ आप दाल चीनी का प्रयोग करे शहद के साथ | अगर शहद नहीं ले सकते तो गुड़ लें या फिर जो हरा नारियल होता है उसको चबा चबा कर खाए इससे अस्थमा की बीमारी दूर हो जाएगी |
  • अगर आप को पथरी है तो उसके लिए आप को उपाय बता देता हूँ आपको करना ये है की एक दवा आती है पाखंडवेद जो की आपको किसी भी homopathic पर मिल जाएगी उस का काढा बना करके 20 दिनों तक ले पथरी जड़ से खत्म हो जाएगी |

कुछ महीने के बाद आप देखना जिस उदेश्य से ये सब करना शरू करेगे उस से भी बेहतर आप का स्वास्थ होगा | आप खुद महसूस करेगें की आप पहले से ज्यादा फ्रेश है | आप कहेगे की मै पहले से हल्क़ा हो गया, पहले से अच्छी नींद आ रही है, खाना अच्छे से हजम हो रहा है, पहले से ज्यादा दर्द कम हो गए जो आप के कमर में, घुटनो में, जोड़ों में, गर्दन में, कंधो में जगह जगह जो भी दर्द होगा वो सब कम होता चला जायेगा |

क्यों ना हर रिश्ते को दोस्ती की नज़र से देखा जाये।

रिलेशन को आप दोस्ती का नाम दे सकते है जिससे रिलेशन कभी खराब नहीं होगा। दोस्ती मे हम कुछ बनते नहीं है, दोस्ती मे आप अपनी fellings को शेयर कर सकते और करते भी होंगे जो की शायद आप किसी और से नहीं कर पाते। क्यों ? क्योकि आपके रिलेशन सब के साथ वैसे नहीं है जो आपके दोस्तों के साथ है। अपने आप को किसी की जगह पर रख कर के सोचो जैसे की अगर आप पिता या माता हो तो आप की दुख की वजह कौन होगा ? आप का बेटा या बेटी, अगर पति हो तो पत्नी से जुड़े ही विचार आएंगे और कोई आ सकते है ? नहीं ना, सुबह से रात तक यही तो हो रहा है।


अगर बेटा बन गए तो आप की सब से बड़ी दुख की जड़ जो की लगभग सब को लगती होगी की आप अपने माता पिता से परेशान होते हो और उनसे दूर रहने की कोशिश करते हो, बहाने ढूंढ़ते हो की अगर मैं कहीं दूर रहूँ तो खुश रहुँगा। सोचते है की मेरे दुख की जड़ कौन है माता पिता ऐसा होता है यार ये natural fact है ऐसा सब को लगता है पर हकीकत आप सब को पता है। यार तुम कुछ मत बनो जो हो वही रहो और देखो, सोचो की हम क्या कर रहे है। अगर बनना है तो दोस्त बनो बाप क्यों बन रहे हो किसी के या बेटा क्यों बन रहे हो, दुनिया की नज़र मे बनो, अंदर से दोस्त बनो तो बच्चों को सही सलाह दोगे और बेटे हो तो बड़ी से बड़ी porblems भी छोटी लगने लगेगी। यार जिस चीज की जितनी value है उस को उतनी तो दो | उसी तरह पिता को पिता की और बेटे को बेटे की value समझनी जरुरी है। मानता हुं ये सभी बातें बहुत आम है पर कोई समझता नहीं है।


मेरा मानना ये है की अगर हम दुनिया के हर एक रिश्ते को सिर्फ उसी नज़र से देखे जैसे हम अपनी दोस्ती को देखते है तो शायद हमारा जीवन बहुत आसान हो जायेगा क्योकि दोस्ती से खूबसूरत रिश्ता तो इस दुनिया मे है ही नहीं।
क्यों हम हर रिश्ते मे सिर्फ मतलब ढूँढ़ते है , क्या हम हर रिश्ते को दोस्ती की तरह पाक और साफ़ नहीं रख सकते जो किसी से किसी मतलब से नहीं की गयी, आप दोस्त के बाप तो नहीं बन सकते लेकिन बाप के दोस्त जरूर बन सकते हो अगर आपने ये बात समझ ली तो आप जीवन मे कभी हारेगे नहीं क्योकि आप को पता है आप के साथ एक दोस्त जैसा पिता खड़ा है।

दोस्तों क्यों ना हर रिश्ते को दोस्ती की नज़र से देखा जाये।